Thursday, 7 November 2013

Sachin की diary के पन्नों से...




तेरी short of the length balls  की मस्तियाँ,
तेरी slower balls  की बेपरवाह गुस्ताखियाँ,
तेरी off stump पे लहराती delivaries,
नही भूलूंगा मैं..
जब तक है जान, जब तक है जान.

तेरा हाथों में grip छुपाना,
तेरा spin करके ball का रुख़ मोड़ना,
तेरा फिर पलट के मुझे घूरना,
नही माफ़ करूँगा मैं,
जब तक है जान, जब तक है जान.

सारे fielders को ball के पीछे नचाने से,
बात बात पर तेरे sledging करने से,
छोटे छोटे तेरे cute appeals से,
मोहब्बत करूँगा मैं,
जब तक है जान, जब तक है जान.

Leg पर आने वाली balls को on-drive से,
हर ball को cover drive, straight drive, upper cut से,
Hook, paddle sweep, pull, on flick से,
मारता रहूँगा मैं,
जब तक है जान, जब तक है जान.



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